Dr. Abhishek Singhvi, MP and Spokesperson Addressed the Media in Hindi

डॉ. अभिषेक सिंघवी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने आपके समक्ष quotation दे दिए हैं, मैं उनको दोहराऊंगा नहीं, लेकिन 3 बिंदु मैं आपके सामन स्पष्ट तौर से रख रहा हूं।

पहला बिंदु है- कभी सुनने में ना आने वाली केन्द्र और प्रदेश सरकार की जबरदस्त अंसेवदनशीलता, इतनी ज्यादा जिद्द, हठ,अहम और ऐसा रुख गणतंत्र, लोकतंत्र के प्रति कि किसकी हिम्मत है कि हमसे प्रश्न पूछे, हमारी जवाबदेही नहीं है। हमने अगर जुररत की इस्तीफा माँगने की या राष्ट्रपति शासन की, तो उसका विपरीत प्रभाव हुआ है कि हम तो करेंगे नहीं, सोचेंगे नहीं इसके बारे में और हमने तो ये जिद्द अपनाई है कि किसी भी हालत में उनको मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रहना चाहिए और राष्ट्रपति शासन नहीं होना चाहिए, इसे कहते हैं जिद्द की राजनीति।

मैंने आपको कोटेशन पढ़कर सुनाए हैं। जो हमारे संवैधानिक उच्च न्यायालय ने शब्दों का प्रयोग किया है, हम समझते हैं कि पहले कभी भी किसी संवैधानिक न्यायिक पदाधिकारी द्वारा किसी भी मुख्यमंत्री, बीजेपी और प्रधानमंत्री के बारे में इतने कठोर,कड़े शब्द इस्तेमाल नहीं किए गए होंगे । उन शब्दों का क्या असर हुआ और मैं शब्द आपके सामने दोहरा रहा हूं। वो बहुत महत्वपूर्ण हैं।उनका असर विपरीत हुआ। शब्द हैं – आपकी हिम्मत हुई हमें ये बोलने की, हम बता रहे हैं, हमने सही किया, हमने ठीक किया, हम नहीं हटेंगे।

दूसरा बिंदु बहुत गर्व का बिंदु है- एक भारतीय गणतंत्र, लोकतंत्र के लिए एक गौरवशाली क्षण है कि कानून व्यवस्था का, न्याय का, कानून के सिद्धांत का, न्यायालय का और न्यायाधिश का, जो सर्वोच्च मान और आदर होना चाहिए वो मैजिस्ट्र ऑफ लॉ बहुत हद तक इस बार दिखा है। एक बहुत ही गंभीर, कठिन स्थिति थी। ये आसान नहीं है कुछ कहना या बोलना। फुल बेंच है उच्च न्यायालय की, जिस स्पष्टता से, निड़रता से, ठोसता से और जिस प्रकार से उसके व्यापक आयाम और सूक्ष्म आयाम,दोनों को address किया है, अत्यंत ही सराहनीय है और भारत की न्याय व्यवस्था के लिए गौरवशाली क्षण है।

तीसरा बिंदु है, चौंकाने वाला, लज्जा वाला है लज्जा से हर भारतीय का सिर झुक जाएगा। वो है – ऐसे क्षण में बीजेपी के बड़े-बड़े महानुभावों के वक्तव्य, quotes, उनके शब्द।
श्री राम बिलास शर्मा का एक जबरदस्त अनूठा कमेंट कि 144 वहाँ पर लागू ही नहीं हो सकता है। खट्टर साहब ने संतोष प्रकट किया और अपने निवास स्थान पर सभी पुलिस कर्मियों को थपथपी दी कि संतोषजनक काम हुआ,जल्द हुआ, ठीक हुआ।

श्री साक्षी महाराज, जो भाजपा राष्ट्रीय कार्यसमिति के एक वरिष्ठ नेता है और सांसद हैं, उन्होंने इस पर बार-बार कहा कि ‘क्या अजीब बात है, करोंडो लोग बाबा रहीम का सम्मान करते हैं , इसलिए न्यायालय के वक्तव्य से ऐसा प्रदर्शन होना ही था और एक आदमी ने ऐसा आरोप लगाया है, करोड़ों लोग तो साथ खड़े हैं, जैसा मैंने आपके समक्ष पूछा कि अगली बार जब बहुत ही गंभीर बलात्कार के या खून के आरोप होंगे तो सुझाव आएगा कि इसके विषय में एक चुनावी पोल हो जाए। एक व्यक्ति है, 50 व्यक्ति है या 50 हजार व्यक्ति हैं, उनके समर्थन में खड़े हुए।

मनीष ग्रोवर जी, अर्बन लोकल बॉडिज के मंत्री हैं। उन्होंने क्या कहा- नेचुरल है गुस्सा आना, नेचुरल है गुस्सा आ जाता है लोगों को। वो तो बड़े आदर, सत्कार के व्यक्ति हैं, इसलिए natural है गुस्सा आ जाता है। उन्होंने सभी की तरफ उँगली उठाई, विपक्ष की तरफ उँगली उठाई, मीडिया की तरफ भी ऊँगली उठाई, लेकिन ना डेरा की तरफ और ना अपनी बीजेपी की तरफ उठाई।

मैंने quotation detail में आपके समक्ष अंग्रेजी में पढ़ दिए हैं। लेकिन हम समझते हैं कि ऐसा कभी देखा नहीं गया, ऐसा कभी सुना नहीं गया, इस तरफ बीजेपी सत्तारुढ़ सरकार, केन्द्र सरकार की जिद्द कभी देखी नहीं गई। दूसरी तरफ बीजेपी महानुभावों के ऐसे वक्तव्य और टिप्पणियाँ और तीसरी तरफ कानून का ये गौरवशाली क्षण है।

एक प्रश्न पर कोर्ट ने बाबा रहीम को 10 साल की सजा सुनाई है, उस पर कांग्रेस क्या कहेगी, डॉ. सिंघवी ने कहा कि सजा के विषय में कांग्रेस पार्टी को कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है और ना कह रहे हैं। हमने आपके समक्ष बहुत महत्वपूर्ण और व्यापक मुद्दे रखे हैं। सजा अंततोगतवा कानून और न्यायालय के बीच की बात है। हम सब जानते हैं कि इस तरह के आरोप के लिए सजा 7 वर्ष है, लेकिन दलील सुनने के बाद जो भी समयकाल रखा है, उस पर हमें कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है। हमने कहा कि इतना गौरवशाली क्षण न्यायालय का कभी हुआ नहीं, मैं स्वागत नहीं कर रहा हूं फैसले का तो क्या कर रहा हूं?

एक अन्य प्रश्न पर कि हरियाणा के बीजेपी प्रभारी अनिल जैन के बयान पर आप क्या कहेंगे, डॉ. सिंघवी ने कहा कि मैंने आपके समक्ष पूरे कोटेशन पढ़ दिए। उनका समर्थन नहीं तो क्या है? या तो मैं झूठ बोल रहा हूं, मैंने बयान सुनाएं हैं। अब इससे ज्यादा समर्थन तो ये हो सकता है कि वो खुद जाएं उनका हाथ पकड़ कर जेल में। ये समर्थन नहीं तो क्या है?

एक अन्य प्रश्न पर कि दिल्ली उपचुनाव में बहुत वक्त से आप तीसरे नंबर पर बने हुए हैं, क्या कहेंगे, डॉ. सिंघवी ने कहा कि ये सही है लेकिन आपका आँकड़ा जो बताता है, वो बहुत कम है, जो छुपाता है वो बहुत ज्यादा है। ये बात सही कि हम नंबर 3 पर है लेकिन आपको ये बात मालूम है कि हमारा वोट शेयर 7 प्रतिशत था लगभग, साढ़े तीन गुना बढ़ा है, 24 प्रतिशत। बिल्कुल संतुष्ट हैं लेकिन पूरी तरह से नहीं। हम जीत जाते तो संतुष्ट होते, लेकिन ये भी सही है कि साढ़े तीन गुना बढ़ा है। आप जो जीती है उसको 57 प्रतिशत से 45 प्रतिशत हुआ है और बीजेपी का 31 प्रतिशत से 27 प्रतिशत हुआ है यानि हम 3 गुणा ज्यादा है हमारा। यानि कि सबसे ज्यादा बढ़त साढ़े तीन गुना कांग्रेस पार्टी की हुई है। उस तरह से आप पूछ रहे हैं तो हम संतुष्ट नहीं है लेकिन हाँ अपने स्तर पर ये संतुष्ट की बात है कि इतने गुना बढ़ा है।

एक अन्य प्रश्न पर कि आज फिर कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई है कि बाबा रहीम को वीवीआईपी ट्रीटमेंट क्यों दिया जा रहा है, डॉ. सिंघवी ने कहा कि जो आप प्रश्न उठा रहे थे, वो दूसरा आयाम है, वो अभियुक्त को दंड़ सुनाने के बाद की प्रक्रिया का आयाम है। ये गलत प्रक्रिया होती है और निश्चित रुप से उच्च न्यायालय ने जिस बिंदु पर हाथ रखा है, वो हमने देश में बार-बार देखा है कि जो कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तित्व हैं, उनको सजा सुनाई जाती है, उनको जेल के अंदर किस प्रकार से समय निकलता है। उसको देखते हुए हम समझते हैं कि ये भी लाज़मी है कि शायद उनके अधिकार क्षेत्र या प्रभाव क्षेत्र से बाहर रखा जाए, उसी प्रदेश में रखा जाए या किसी और प्रदेश में रखा जाए वो प्रशासनिक निर्णय होते हैं। लेकिन निश्चित रुप से वो समानता जो अति आवश्यक है, ऐसे कारगार के समय को निकालने के लिए उसके लिए पूरा देश, हरियाणा सरकार और पुलिसauthority को देख रहा है और कुछ ही हफ्तों में आपको इसका एक नमूना और उदाहरण मिल जाएगा।

एक अन्य प्रश्न पर कि जिस तरह से चीन की सेना ने डोकलाम से पीछे हटने का फैसला लिया है, क्या कहेंगे, डॉ. सिंघवी ने कहा कि जिस प्रकार जब कोई भय आता है या कोई बाहर का तत्व आता है तो एकसाथ आप त्राही-त्राही नहीं मचाते हैं। उसी प्रकार से जब शांति बहाली की खबर आती है तो आप एकदम खुशियाँ मानना शुरु नहीं करते। ये देश का मामला है, ये आपका, हमारा या राजनीतिक मामला नहीं है। अगर वास्तव रुप में ये बहुत ज्यादा तनाव की स्थिति हमारे बॉर्डर पर कम हो रही है तो ये बहुत अच्छी बात है देश के लिए और इसके लिए हर राजनैतिक पार्टी स्वागत करेगी। लेकिन, ये लेकिन बहुत महत्वपूर्ण कि आपको कुछ दिनों के लिए देखना पड़ेगा, सोचना पड़ेगा, इंतजार करना पड़ेगा। पहले हम बोल चुके हैं कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में हम सरकार के पूरी तरह से साथ हैं। हम चाहेंगे कि उनके समय के अनुसार सरकार शेयर करे, चाहे संदिग्ध रुप से शेयर करे कि क्या हुआ, कैसे हुआ और अगर देश के हित में हुआ है तो हमारा समर्थन उनको पूरी तरह से है। लेकिन जो आज हुआ है उस पर मैं पूरी टिप्पणी नहीं देना चाहता। लेकिन हम बहुत खुश हैं अगर वो पीछे हटे हैं और अगर ये स्थाई रुप से है तो। ये सबकी जीत है अगर ये स्थाई रुप से सच है और ये स्थाई हार है अगर हम राजनीतिक रुप से इस पर कमेंट करें। मैंने अभी कुछ नहीं कहा, ये आप बोल रहे हैं। मैंने क्यों नहीं सर्वसम्मति व्यक्त की, ऐसी कई वक्तव्य हैं, बिंदु हैं जिस पर हम बाद में कहेंगे। जो आपको अधिकारिक सूत्रों द्वारा बताया गया है अगर वो सत्य है, क्षणिक नहीं, स्थाई है, तो हम सबसे ज्यादा हर्षित होंगे । लेकिन उसके लिए इंतजार करना आवश्यक है।

एक अन्य प्रश्न पर कि कुछ दिनों पहले जयराम रमेश ने कहा था कि पार्टी को एक अलग अंदाज में आगे बढ़ने की जरुरत है और उसी अंदाज में मनीष तिवारी जी ने बयान दिया था, अभी ट्रिपल तलाक पर मनीष जी ने बयान दिया है, आप क्या कहेंगे,डॉ. सिंघवी ने कहा कि जब पहले दो वक्तव्य बताए हैं, मैं नहीं समझता कि इस पर दो राय हो सकती है कि बदलाव की आवश्यकता है, सकारात्मक बदलाव की आवश्यकता है और अच्छी तरफ बढ़े पार्टी की आवश्कता है। इस स्वतंत्र देश में स्वतंत्र लोग रहते हैं, उनके अपने वक्तव्य हैं, इसमें हमें या पार्टी को कोई टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है। जहाँ तक दूसरे प्रश्न की बात है ये एक न्यायिक फैसला है, उसके लिए हम सब नतमस्तक है। उसमें पार्टी लाईन कहाँ थी, उसमें हर तरह के लोग,हर तरह के पक्ष पेश हो रहे थे। हाँ ये लाईन जरुर है कि उसका दुरुपयोग जरुर कर सकती है सत्तारुढ़ पार्टी जिसके लिए हम तैयार होंगे और जागरुक होंगे।

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